Delhi Assembly Elections 2025 के लिए चुनाव प्रचार सोमवार, 3 फरवरी को शाम छह बजे समाप्त हो गया। इसके बाद 5 फरवरी को मतदान होगा और 8 फरवरी को परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव प्रचार के आखिरी दिन सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने-अपने दिग्गज नेताओं के साथ जनता से संपर्क साधा और मतदाताओं को अपने पक्ष में वोट डालने के लिए प्रेरित किया। दिल्ली के 1.56 करोड़ मतदाताओं ने इस चुनाव में भाग लेने के लिए अपने मताधिकार का उपयोग किया।
एग्जिट पोल पर प्रतिबंध
चुनाव आयोग ने मतदान के दिन, 5 फरवरी को सुबह 7 बजे से शाम 6:30 बजे तक एग्जिट पोल (Exit Poll) पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय ने एक आदेश जारी किया है। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि जनसाधारण, विशेष रूप से न्यूज ब्यूरो, मीडिया हाउसेज, रेडियो और टेलीविजन चैनलों का ध्यान भारत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना संख्या 576/एक्जिट/2025/एसडीआर/खण्ड-1 दिनांक 22 जनवरी, 2025 की ओर आकर्षित किया जाता है। इस अधिसूचना के अनुसार, प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या किसी भी अन्य तरीके से एग्जिट पोल, ओपिनियन पोल या किसी अन्य चुनाव सर्वेक्षण के परिणामों को प्रकाशित या प्रसारित करने पर प्रतिबंध रहेगा। यह प्रतिबंध मतदान समाप्त होने तक लागू रहेगा।
मतदान के लिए तैयारियाँ
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, राजधानी में मतदान के लिए 13,766 पोलिंग स्टेशन तैयार किए गए हैं। इन पोलिंग बूथों पर 83.76 लाख पुरुष, 72.36 लाख महिला और 1,267 थर्ड जेंडर के मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। दिव्यांग मतदाताओं के लिए 733 पोलिंग बूथ विशेष रूप से निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए घर से मतदान की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इस सुविधा के तहत 7,553 पात्र मतदाताओं में से 6,980 लोग पहले ही अपने वोट डाल चुके हैं। यह सुविधा 24 जनवरी से शुरू हुई थी और 4 फरवरी तक जारी रहेगी।
आचार संहिता उल्लंघन के मामले
चुनाव आयोग ने 7 जनवरी को आचार संहिता लागू की थी, जिसके बाद से इसके कथित उल्लंघन के 1,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में 33,434 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों में राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता, नेता और अन्य लोग शामिल हैं। चुनाव आयोग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि कोई भी पक्ष आचार संहिता का उल्लंघन न करे और चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।
ये भी पढ़े:-Ranji Trophy: महाराष्ट्र ने बड़ौदा को दी करारी शिकस्त, मुंबई की उम्मीदें बरकरार
सुरक्षा व्यवस्था
चुनाव आयोग ने दिल्ली में मतदान की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पारा मिलिट्री फोर्स की 220 कंपनियों की तैनाती की है। इसके अलावा, 19,000 होम गार्ड्स और 35,626 दिल्ली पुलिस के जवानों को भी चुनावी ड्यूटी पर लगाया गया है। यह सुरक्षा बल मतदान केंद्रों और आसपास के क्षेत्रों में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात रहेंगे। चुनाव आयोग ने यह सुनिश्चित किया है कि मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो और मतदाता बिना किसी डर या दबाव के अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए चुनाव आयोग ने सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। एग्जिट पोल पर प्रतिबंध, आचार संहिता के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई, और सुरक्षा बलों की व्यापक तैनाती से यह सुनिश्चित किया गया है कि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो। दिल्ली के मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग करके अपनी पसंद की सरकार चुनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब सभी की नजरें 8 फरवरी को घोषित होने वाले परिणामों पर टिकी हुई हैं।
One thought on “Delhi Assembly Elections 2025: दिल्ली में थमा प्रचार, जनता के हाथ में दिल्ली की सरकार, चुनाव आयोग ने जारी किया आदेश”