HIMACHAL FLOOD

HIMACHAL FLOOD: ग्लेशियर टूटने से हिमाचल में तबाही, 50 मजदूर लापता

HIMACHAL FLOOD: पहाड़ों में भारी बारिश और हिमपात ने कहर मचा दिया है। हिमाचल प्रदेश से लेकर उत्तराखंड तक तबाही की कई तस्वीरें सामने आ रही हैं। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में भारी बारिश के कारण कई गाड़ियां बह गईं और मलबे में दब गई हैं। वहीं, उत्तराखंड के चमोली जिले में भारी बर्फबारी के बीच माणा गांव के पास अचानक से एक ग्लेशियर टूट गया।

उत्तराखंड में तबाही

माणा गांव के ऊपर ग्लेशियर टूटने से बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन (BRO) के 41 मजदूर दब गए। इनमें से 16 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है, और फंसे हुए मजदूरों को निकालने के प्रयास तेजी से किए जा रहे हैं।

राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), जिला प्रशासन, इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (ITBP) और BRO की टीमें राहत कार्य में जुटी हुई हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी घटना की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने राज्य आपदा परिचालन केंद्र से चमोली जिले के माणा गांव के पास हुए हिमस्खलन की जानकारी ली है। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है।

क्या हुआ?

  • बद्रीनाथ से माणा जाने वाले माणा गेट पर हिमस्खलन हुआ।
  • BRO के कैंप में करीब 57 मजदूर मौजूद थे।
  • मजदूर भारत-चीन सीमा के पास BRO के निर्माण कार्य में लगे हुए थे।
  • ग्लेशियर टूटने के कारण 41 मजदूर दब गए।
  • अब तक 16 मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया है।
  • सेना की 9 ब्रिगेड और ITBP की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं।
  • जोशीमठ के हेलिपैड से SDRF की टीम रवाना की गई है।
  • पूरे उत्तराखंड में 4 से 5 फीट तक बर्फबारी हुई है।
  • बद्रीनाथ जाने वाला रास्ता हनुमान चट्टी से आगे बंद हो गया है।

पुलिस महानिरीक्षक, SDRF, रिधिम अग्रवाल ने बताया कि हिमस्खलन की इस घटना में BRO के कुल 57 श्रमिक प्रभावित हुए हैं। BRO कमांडेंट के अनुसार, अब तक 16 श्रमिक सुरक्षित हैं, जबकि 41 अभी भी लापता हैं। SDRF की एक टीम जोशीमठ से रवाना हो चुकी है। लामबगड़ में सड़क अवरुद्ध होने के कारण सेना से संपर्क कर मार्ग खोलने की प्रक्रिया चल रही है।

लगातार हो रही है बर्फबारी

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले कई इलाकों में पिछले 24 घंटों से भारी बर्फबारी हो रही है, जबकि निचले इलाकों में लगातार बारिश जारी है। केदारनाथ धाम, त्रियुगीनारायण, तुंगनाथ, चोपता सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हुई है।

मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग समेत अन्य जिलों में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला अभी जारी रहेगा।

हिमाचल प्रदेश में भी तबाही

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के यांग्पा क्षेत्र में भी अचानक एक ग्लेशियर टूट गया। हालांकि, इस हादसे में किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।

वहीं, कुल्लू जिले में भारी बारिश के कारण भूतनाथ नाले में कई गाड़ियां बह गईं और गांधी नगर में मलबे में कई वाहन दब गए हैं। कुल्लू, शिमला, चंबा, किन्नौर और लाहौल स्पीति में भी बारिश और बर्फबारी ने तबाही मचाई हुई है।

इन जिलों में स्कूलों को बंद कर दिया गया है, और स्थानीय मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

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उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बर्फबारी के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है, लेकिन मौसम की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में और सतर्कता बरतने की जरूरत है।

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