


चैत्र नवरात्रि 2025 का पावन पर्व 30 मार्च से आरंभ होकर 7 अप्रैल तक मनाया जा रहा है। इस नौ दिवसीय उत्सव में देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। राम नवमी 2025 का पर्व 6 अप्रैल, रविवार को मनाया जाएगा, जो भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का प्रतीक है।
राम नवमी 2025: अष्टमी तिथि और शुभ मुहूर्त
अष्टमी तिथि का प्रारंभ 4 अप्रैल को रात 8:12 बजे होगा और यह 5 अप्रैल को शाम 7:26 बजे समाप्त होगी। इस दिन महागौरी माता की पूजा की जाती है। कन्या पूजन के लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:49 बजे तक रहेगा।
नवमी तिथि और राम नवमी का शुभ मुहूर्त
नवमी तिथि 5 अप्रैल को शाम 7:26 बजे से शुरू होकर 6 अप्रैल को शाम 7:22 बजे तक रहेगी। राम नवमी का मध्यान्ह मुहूर्त सुबह 11:09 बजे से दोपहर 1:40 बजे तक रहेगा, जो भगवान राम के जन्म का सटीक समय माना जाता है।
कन्या पूजन की विधि और महत्व
कन्या पूजन, जिसे ‘कंजक पूजा’ भी कहा जाता है, नवरात्रि के अष्टमी या नवमी तिथि को किया जाता है। इसमें 1 से 10 वर्ष की कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनका पूजन और भोजन कराया जाता है। इस वर्ष कन्या पूजन 5 अप्रैल को किया जाएगा।
नवरात्रि 2025 का दिनवार विवरण
- दिन 1: 30 मार्च, रविवार – घटस्थापना, शैलपुत्री पूजा
- दिन 2: 31 मार्च, सोमवार – ब्रह्मचारिणी पूजा
- दिन 3: 1 अप्रैल, मंगलवार – चंद्रघंटा पूजा
- दिन 4: 2 अप्रैल, बुधवार – स्कंदमाता पूजा
- दिन 5: 3 अप्रैल, गुरुवार – कात्यायनी पूजा
- दिन 6: 4 अप्रैल, शुक्रवार – कालरात्रि पूजा
- दिन 7: 5 अप्रैल, शनिवार – महागौरी पूजा (अष्टमी)
- दिन 8: 6 अप्रैल, रविवार – राम नवमी (नवमी)
- दिन 9: 7 अप्रैल, सोमवार – नवमी पारणा
नवरात्रि के इन पावन दिनों में देवी दुर्गा की आराधना और राम नवमी का उत्सव हमें आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता प्रदान करता है। सभी भक्तजन इन शुभ तिथियों और मुहूर्तों का ध्यान रखते हुए पूजा-अर्चना करें और देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करें।
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