वक्फ संशोधन विधेयक

वक्फ संशोधन विधेयक पर राज्यसभा में गरमाया माहौल, अमित शाह बोले- ‘कांग्रेस फैला रही है भ्रम’

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वक्फ संशोधन विधेयक
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नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र में वक्फ संशोधन विधेयक पर गुरुवार को राज्यसभा में जोरदार बहस हुई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष इस विधेयक को लेकर झूठ फैला रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बिल किसी समुदाय के अधिकारों को प्रभावित नहीं करता, बल्कि वक्फ संपत्तियों को पारदर्शी तरीके से प्रबंधित करने के लिए लाया गया है।

राज्यसभा में पेश हुआ वक्फ संशोधन विधेयक

लोकसभा में बुधवार को 12 घंटे की लंबी बहस के बाद पारित वक्फ संशोधन विधेयक को आज राज्यसभा में पेश किया गया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे सदन में रखते हुए विपक्षी दलों से समर्थन की अपील की। उन्होंने कहा कि यह विधेयक किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसमें सभी मुस्लिम संप्रदायों को वक्फ बोर्ड में शामिल करने का प्रावधान है।

विधेयक को लेकर बढ़ता विरोध

इस विधेयक के खिलाफ कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि पार्टी पर लगाए गए ‘भूमि हड़पने’ के आरोप बेबुनियाद हैं।

विवादित प्रावधानों पर मचा बवाल

विधेयक के कुछ प्रावधानों को लेकर देशभर में असंतोष देखा जा रहा है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • गैर-मुस्लिम व्यक्ति का वक्फ बोर्ड का मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनने की अनुमति।
  • राज्य सरकारों द्वारा कम से कम दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति का प्रावधान।
  • जिला कलेक्टर को विवादित संपत्ति के वक्फ या सरकारी होने का निर्णय लेने की शक्ति।
  • वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण को केंद्रीय डेटाबेस में अनिवार्य करना।
  • वक्फ ट्रिब्यूनल के अंतिम निर्णय के प्रावधान को हटाना।

सरकार का क्या कहना है?

सरकार का कहना है कि इस विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता और सुचारू प्रबंधन सुनिश्चित करना है। अमित शाह ने दोहराया कि कांग्रेस बिना किसी ठोस आधार के भ्रम फैला रही है और इस विधेयक का धार्मिक मामलों से कोई लेना-देना नहीं है।

आगे क्या होगा?

राज्यसभा में इस विधेयक पर बहस जारी है। कांग्रेस समेत विपक्षी दल इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं, जबकि भाजपा इसे पारित कराने के लिए प्रतिबद्ध है। देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह विधेयक किस रूप में आगे बढ़ता है।


क्या आपको लगता है कि वक्फ संशोधन विधेयक से पारदर्शिता बढ़ेगी या यह विवाद को और बढ़ाएगा? अपनी राय हमें बताएं।

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